Whispering stone
'पत्थर बोलता है... उसकी भाषा को समझने के लिए...!
कोई सफर तय नहीं करना पढ़ता...!
बड़े जतन से...
उसके करीब जाकर...!
उसकी धड़कनों को...!
अपनी धड़कनों के सुर में-
लय-ताल मिलाना पड़ता है।
बहुत दर्द और रहस्यों को समटे हुए..
ये पत्थर खामोश तो होते हैं-
लेकिन जिस दिन ...
ये चीखते हैं...
मच जाती है तबाही...
हर तरफ...!
और पलट जाते हैं...!
इतिहास के पन्ने....!!

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